एक मित्र को पत्र

प्राथमिक शाला में एक मित्र को पत्र लिखना था लिखा किन्तु बेहद त्रुटी पूर्ण होने से मुझे दंड मिला पत्र आज पूरा कर रहा हूँ शायद आप को पसंद आये
______________________________________________________________________

प्रिय मित्र                                            
सादर अभिवादन
किसी की आलोचना करना अच्छी बात है है किन्तु किसी को व्यक्तिगत क्षति पहुंचाकर अपनी श्रेष्ठता साबित करना इंसान को बौना कर देती है. शायद आप हर छोटी छोटी बातों को दिल पर लेकर मुझे फोरम्स पर मित्रों के बीच अपमानित करने की बदस्तूर कोशिश करतें हैं किन्तु आप ये कदापि नहीं जानते के वे लोग जिनके सामने आप किसी व्यक्ति के विरुद्ध कुछ भी कहतें हैं वही व्यक्ति सबसे पहले आपको बौना समझ लेता है. फिर सुनी बातों से हुए अपच के कारण सीधे बात उस इंसान तक पहुंचा ही देता है जिसके बारे में आप चुगलियाँ करतें हैं भले ही अपनी नज़र आपकी बातें आलोचना हो. 
बहार हाल सब कुछ ठीक है घर में दीदी को प्रणाम बच्चे को स्नेह 
शेष अनवरत शुभ 
आपका मुकुल 
[नोट:बिना पते वाले पुराने कार्ड पर इतना ही लिख पा रहा हूँ किन्तु सही जगह पहुंचेगा मुझे भगवान पर यकीं है ]
http://cdn1.ioffer.com/img/item/459/046/46/o_JEFFERSON-POSTCARD-1-CENT.JPG

11 टिप्पणियाँ:

बेनामी,  ९ फरवरी २०१० १:०७ PM  

Ola, what's up amigos? :)
I will be happy to receive any help at the start.
Thanks and good luck everyone! ;)

निर्मला कपिला ९ फरवरी २०१० ७:१६ PM  

ये त* कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना* वाली चित्ठी है जरूर पहुंच गयी होगी शुभकामनायें आपकी सेहत के लिये शुभकामनायें । आशा है बुखार उतर गया होगा
धन्यवाद्

संगीता पुरी ९ फरवरी २०१० ९:३८ PM  

बढिया पत्र .. आशा है पहुंच गयी होगी अबतक !!

बवाल ९ फरवरी २०१० १०:१६ PM  

ये क्या है भैया। तफ़्सील से बतलाएँ।

लाल और बवाल (जुगलबन्दी) ९ फरवरी २०१० ११:०३ PM  

समझ गए भाई समझ गए, बहुत मार्मिक पोस्ट।

गिरीश बिल्लोरे 'मुकुल' ९ फरवरी २०१० ११:०५ PM  

भाई भजिये का स्वाद याद आया कैसे थे हा हा हा

गिरीश बिल्लोरे 'मुकुल' ९ फरवरी २०१० ११:०७ PM  

संगीता जी पुरानी चिट्ठियाँ हैं पहुंचतीं ज़रूर है. बांचने वाला बांच लेता है किन्तु ....?

- हिंदी होस्ट HindiHost.com The Professional Domain Hosting and Design by HindiHost.com

Back to TOP